Health Blog

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : चौथा अंग : आत्म धर्म *

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : चौथा अंग : आत्म धर्म * हम जिस ईश्वर या परमेश्वर या भगवान या खुदा की कुछ पल से लेकर कुछ घंटे तक पूजा वंदना या इबादत करते हैं, उसे ही हम अपना धर्म मान लेते हैं. लेकिन यह तो हमारे आस्था के केंद्र परमपिता परमेश्वर के प्रति ...

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : तीसरा अंग : विश्व धर्म *

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : तीसरा अंग : विश्व धर्म * हम जिस ईश्वर या परमेश्वर या भगवान या खुदा की कुछ पल से लेकर कुछ घंटे तक पूजा वंदना या इबादत करते हैं, उसे ही हम अपना धर्म मान लेते हैं. लेकिन यह तो हमारे आस्था के केंद्र परमपिता परमेश्वर के प्रति ...

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : दूसरा अंग : राष्ट्र धर्म *

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : दूसरा अंग : राष्ट्र धर्म * हम जिस ईश्वर या परमेश्वर या भगवान या खुदा की कुछ पल से लेकर कुछ घंटे तक पूजा वंदना या इबादत करते हैं, उसे ही हम अपना धर्म मान लेते हैं. लेकिन यह तो हमारे आस्था के केंद्र परमपिता परमेश्वर के ...

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : पहला धर्म : मातृत्व धर्म *

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : पहला धर्म : मातृत्व धर्म * * चतुर्मुखी सनातन धर्म : पहला धर्म : मातृत्व धर्म * हम जिस ईश्वर या परमेश्वर या भगवान या खुदा की कुछ पल से लेकर कुछ घंटे तक पूजा वंदना या इबादत करते हैं, उसे ही हम अपना धर्म मान लेते हैं. लेकिन यह...

मसालेदार स्वास्थ्यवर्धक स्वादिष्ट चाय

• मसालेदार स्वास्थ्यवर्धक स्वादिष्ट चाय – इस आधुनिक युग में अधिकाँश घरो में चाय आज हमारी और आपकी जिंदगी से जुड़ चुकी है. अब इसे हम सभी चाह कर भी दूर नहीं कर पाते हैं. सर्दियों का मौसम हो या गर्मियों की शाम, चाय पीना तो बनता ही है। कई लोगों ...

मोतियाबिन्द (Cataract)

• मोतियाबिन्द (Cataract) – अक्सर देखा गया है कि साठ वर्ष की उम्र के बाद मोतियाबिन्द (Cataract) यानी कि आँख की पुतली पर एक तरह का पानी सा उतरने लगता है, जो धीरे-धीरे जमता जाता है। फिर इन बुजुर्ग लोगो को ऐसा प्रतीत होने लगता है कि उसकी पुतली पर एक ...

Go Top