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चतुर्मुखी सनातन धर्म को सम्पूर्ण विश्व में फैलायें

• चतुर्मुखी सनातन धर्म को सम्पूर्ण विश्व में फैलायें – धर्म धृ धातु से बना हुआ है जिसका अर्थ होता है – धारण करना. अतः जो आप हो, ऐसे अपने चतुर्मुखी सनातन धर्म का प्रतिपादन करने वाले शाश्वत चैतन्य स्वरुप आत्मदेव को जानना, मानना और धारण करना ...

SECURITY, SAFETY, DIGNITY, FREEDOM FOR WOMEN

en Half of the world’s population belongs to women and almost 75% of work on earth is executed by women. If women power ends, the world soon will end. Therefore world’s better half i.e. women have all the right to make decisions about ...

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : चौथा अंग : आत्म धर्म *

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : चौथा अंग : आत्म धर्म * हम जिस ईश्वर या परमेश्वर या भगवान या खुदा की कुछ पल से लेकर कुछ घंटे तक पूजा वंदना या इबादत करते हैं, उसे ही हम अपना धर्म मान लेते हैं. लेकिन यह तो हमारे आस्था के केंद्र परमपिता परमेश्वर के प्रति ...

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : तीसरा अंग : विश्व धर्म *

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : तीसरा अंग : विश्व धर्म * हम जिस ईश्वर या परमेश्वर या भगवान या खुदा की कुछ पल से लेकर कुछ घंटे तक पूजा वंदना या इबादत करते हैं, उसे ही हम अपना धर्म मान लेते हैं. लेकिन यह तो हमारे आस्था के केंद्र परमपिता परमेश्वर के प्रति ...

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : दूसरा अंग : राष्ट्र धर्म *

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : दूसरा अंग : राष्ट्र धर्म * हम जिस ईश्वर या परमेश्वर या भगवान या खुदा की कुछ पल से लेकर कुछ घंटे तक पूजा वंदना या इबादत करते हैं, उसे ही हम अपना धर्म मान लेते हैं. लेकिन यह तो हमारे आस्था के केंद्र परमपिता परमेश्वर के ...

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : पहला धर्म : मातृत्व धर्म *

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : पहला धर्म : मातृत्व धर्म * * चतुर्मुखी सनातन धर्म : पहला धर्म : मातृत्व धर्म * हम जिस ईश्वर या परमेश्वर या भगवान या खुदा की कुछ पल से लेकर कुछ घंटे तक पूजा वंदना या इबादत करते हैं, उसे ही हम अपना धर्म मान लेते हैं. लेकिन यह...

मसालेदार स्वास्थ्यवर्धक स्वादिष्ट चाय

• मसालेदार स्वास्थ्यवर्धक स्वादिष्ट चाय – इस आधुनिक युग में अधिकाँश घरो में चाय आज हमारी और आपकी जिंदगी से जुड़ चुकी है. अब इसे हम सभी चाह कर भी दूर नहीं कर पाते हैं. सर्दियों का मौसम हो या गर्मियों की शाम, चाय पीना तो बनता ही है। कई लोगों ...

स्फटिक मणि

* स्फटिक मणि – आप जानते ही हैं कि स्फटिक मणि का स्वभाव निर्मल या रंगहीन ही होता है. लेकिन इस मणि का रंग समीप रखे फूलों के रंग जैसे लाल, गुलाबी, हरे या पीले रंग के फूलों के संयोग से उनके रंग के समान दिखता है, तथापि वास्तव में स्फटिक मणि ...

कंकर से शंकर बनें

• – * कंकर से शंकर बनें – प्रत्येक परमाणु अमर तथा अनुपम शक्तिवान होता है इसी तरह आप भी अमर तथा अनुपम शक्तिवान ही हैं. आपके चैतन्यमयी आत्मदेव में अनन्त शक्ति, अनन्त ज्ञान एवं अनन्त सुख सरीखे अनन्त गुण समाये हुए हैं आत्मदेव की असीम ...

चैतन्यदेव के स्वरूप की महिमा अद्भुत है

* चैतन्यदेव के स्वरूप की महिमा अद्भुत है – हे आत्मदेव, आपके चैतन्यदेव के स्वरूप की लीला अलौकिक और अद्भुत है। मुनिराज चैतन्य के बाग में क्रीड़ा करते-करते कर्म के फलों का नाश करते रहते हैं। बाह्य में इस संसार से उन्हें जो भी आसक्ति थी, उसे ...

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