सोराइसिस

अक्सर कई सालों तक बहुत सी दवा लेने या हवा, पानी और आहार के माध्यम से हमारे शरीर में घुस रहे प्रदूषण के कारण चमड़ी के ऊपर अत्याधिक खुजली होना, चकत्ते पड़ना, जलन, लाली, त्वचा मोटी होना या सिकुड़ जाना, त्वचा कट जाना आदि कई तरह की समस्याएँ हो जाती हैं.

इसका एलोपैथी में कोई इलाज नहीं होता है. वे अक्सर कार्टीसोन या स्टेराइड्स देते हैं, जिनसे शरीर को कई तरह की अकल्पनीय परेशानी पैदा हो जाती हैं.

यह एक बहुत ही गंभीर बीमारी है और इसका इलाज बहुत ही सावधानी से करना चाहिए.

इसका उपचार इस तरह से किया जा सकता है

  1. सुबह 7 बजे कुल्ला करके सल्फर 200, फिर दोपहर को आर्निका 200 और रात्रि को खाने के एक से दो घंटे बाद या नौ बजे नक्स वोम 200 की पांच बूँद आधा कप पानी से एक हफ्ते तक ले,
  2. एकोनाइट 6, पल्सेटिला 6, नक्सवोमिका 6, आर्सेनिक 6 को मिलाकर बनी दवाई की पांच बूंदों को आधा कप पानी से रोज दिन में चार बार लें.
  3. केल्केरिया फ्लोर 3X, केल्केरिया फास 3X, काली म्यूर 3X, काली फास 3X, काली सल्फ़ 3X, नेट्रम म्यूर 3X, नेट्रम फास 3X, नेट्रम सल्फ़ 3X, साइलीशिया 12X की एक-एक गोली को लेकर उसकी पुडिया बनाकर दिन में तीन बार चूसें या कुनकुने पानी से लें.
  4. दो हफ्ते बाद सोरिनम 200 की पांच बूंदों को आधा कप पानी से लें. फिर इसके एक हफ्ते बाद ग्रेफाइटिस 200 की पांच बूंदों को आधा कप पानी से दिन में एक बार लें.
  5. बायोकाम्ब नं. 20 की छः गोली दिन में चार बार चूसे.
  6. होम्योलेक्स या HSL कम्पनी की होम्योकाम्ब नं. 67 की एक या आधी गोली रोज रात एक सफ्ताह तक 30 बजे लें. इसके बाद हर व्यक्ति को चाहिए कि वह इसे हर हफ्ते एक या आधी गोली रात्रि 9.30 बजे लेते रहे.
  7. सभी तरह के चर्म रोगों में तुलसी (ओसिमम सैक्टम) Q, नीम (एजाडिरेक्टा इन्डिका) Q और कैलोट्रोपिस जाइगैन्तिया Q को मिलाकर इनकी 50 मि.ली. की मात्रा को 200 मि.ली. नारियल या तिल के तेल में मिलाकर किसी शीशी में भर लें और फिर किसी भी चर्म रोग में इस शीशी को खूब हिला कर दिन में तीन बार लगा सकते हैं. तुलसी, नीम आदि से बनी यह दवाई आप और आपके परिवार को हर तरह की स्वास्थ्य सुरक्षा और बीमारियों से बचाने का काम करती है. अतः इसे बिना किसी परेशानी के लम्बे समय तक उपयोग किया जा सकता है.
  • कायाकल्प करें,स्वस्थ रहें, स्वस्थ करें –

 आज की इस भाग-दौड़ भरी जिन्दगी में आपके पास अपने खुद के स्वास्थ्य की ओर ध्यान देने का भी समय नहीं रहता है.

लेकिन जब इस लापरवाही की आपको बहुत बड़ी सजा बीमारी के रूप में मिलती है, तब तक बहुत देर हो जाती है.

लगभग रोज ही मेरे स्वास्थ्य सम्बन्धी लेख आते हैं और बहुत से लोग रोज ही मुझ से अपनी बीमारी का उपचार लेते रहते हैं और मेरे से मोबाइल पर भी डिटेल में अपनी बीमारी के बारे में बताते हैं, ताकि मैं उचित निदान कर दवाई दे सकूँ.

फिर भी अक्सर मुझे उन्हें बताना पड़ता है कि किसी भी बीमारी के पूर्ण रूप से ख़त्म होने के लिए सिर्फ दवाई से ही काम नहीं चलता है और उन्हें हमेशा स्वस्थ रहने के लिए उन बताई गयी होम्योपैथी की दवाइयों के साथ ही नियमित रूप से अपने पूरे परिवार व बच्चों के साथ मेरे बताये अनुसार कायाकल्प कर अपने शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग भी करते रहना चाहिए.

इसलिए आप सभी से भी मैं पुनः निवेदन करता हूँ कि आप भी सिर्फ दस मिनिट का समय अपने स्वास्थ्य को दें और पूरे परिवार व बच्चों के साथ अपने शरीर की नियमित रूप से ओवरहालिंग और रिचार्जिंग हमेशा करते रहें और खान-पान और एक्सरसाइज भी मेरे बताये अनुसार करते रहे, ताकि आप और आपके परिवार को कभी भी कैंसर, डायबटीज, ह्रदय रोग, लिवर रोग, किडनी फेल्यर, टी.बी., फेफड़े के रोग, डिप्रेशन, चर्म रोग आदि किसी भी तरह की गंभीर बीमारी नहीं होगी