Archive For April 20, 2017

मसालेदार स्वास्थ्यवर्धक स्वादिष्ट चाय

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मसालेदार स्वास्थ्यवर्धक स्वादिष्ट चाय

• मसालेदार स्वास्थ्यवर्धक स्वादिष्ट चाय – इस आधुनिक युग में अधिकाँश घरो में चाय आज हमारी और आपकी जिंदगी से जुड़ चुकी है. अब इसे हम सभी चाह कर भी दूर नहीं कर पाते हैं. सर्दियों का मौसम हो या गर्मियों की शाम, चाय पीना तो बनता ही है। कई लोगों की तो दिन की…

मोतियाबिन्द (Cataract)

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मोतियाबिन्द (Cataract)

• मोतियाबिन्द (Cataract) – अक्सर देखा गया है कि साठ वर्ष की उम्र के बाद मोतियाबिन्द (Cataract) यानी कि आँख की पुतली पर एक तरह का पानी सा उतरने लगता है, जो धीरे-धीरे जमता जाता है। फिर इन बुजुर्ग लोगो को ऐसा प्रतीत होने लगता है कि उसकी पुतली पर एक परदा सा पड़ गया…

वायरल फीवर

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वायरल फीवर

• वायरल फीवर – अभी पूरे देश में एक बहुत ही अलग तरह का वायरल फीवर फ़ैल रहा है. इस वायरल बुखार के लक्षण इस तरह के हैं – 1. इस बुखार में शरीर का ताप 101 डिग्री से 103 डिग्री या और ज्यादा भी हो जाता है 2. खांसी और जुकाम होना 3. जोड़ों…

सोराइसिस

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सोराइसिस

• सोराइसिस – अक्सर कई सालों तक बहुत सी दवा लेने या हवा, पानी और आहार के माध्यम से हमारे शरीर में घुस रहे प्रदूषण के कारण चमड़ी के ऊपर अत्याधिक खुजली होना, चकत्ते पड़ना, जलन, लाली, त्वचा मोटी होना या सिकुड़ जाना, त्वचा कट जाना आदि कई तरह की समस्याएँ हो जाती हैं. इसका…

स्फटिक मणि

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स्फटिक मणि

* स्फटिक मणि – आप जानते ही हैं कि स्फटिक मणि का स्वभाव निर्मल या रंगहीन ही होता है. लेकिन इस मणि का रंग समीप रखे फूलों के रंग जैसे लाल, गुलाबी, हरे या पीले रंग के फूलों के संयोग से उनके रंग के समान दिखता है, तथापि वास्तव में स्फटिक मणि किसी भी रंग…

कंकर से शंकर बनें

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कंकर से शंकर बनें

• – * कंकर से शंकर बनें – प्रत्येक परमाणु अमर तथा अनुपम शक्तिवान होता है इसी तरह आप भी अमर तथा अनुपम शक्तिवान ही हैं. आपके चैतन्यमयी आत्मदेव में अनन्त शक्ति, अनन्त ज्ञान एवं अनन्त सुख सरीखे अनन्त गुण समाये हुए हैं आत्मदेव की असीम चैतन्य-शक्ति को पहचानने से आप भी 1. पामर से…

चैतन्यदेव के स्वरूप की महिमा अद्भुत है

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चैतन्यदेव के स्वरूप की महिमा अद्भुत है

* चैतन्यदेव के स्वरूप की महिमा अद्भुत है – हे आत्मदेव, आपके चैतन्यदेव के स्वरूप की लीला अलौकिक और अद्भुत है। मुनिराज चैतन्य के बाग में क्रीड़ा करते-करते कर्म के फलों का नाश करते रहते हैं। बाह्य में इस संसार से उन्हें जो भी आसक्ति थी, उसे तोड़कर वे तो अपने निज-स्वरूप में लीन हो…

निष्काम सेवा ही सच्चा धर्म है

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निष्काम सेवा ही सच्चा धर्म है

• निष्काम सेवा ही सच्चा धर्म है – हम देखते हैं कि जात-पांत, ऊँच-नीच, छोटे-बड़े, अमीर-गरीब, स्त्री-पुरुष, सज्जन-दुष्ट, अच्छे-बुरे आदि सभी प्रकार के भेद-भावों को मिटा कर, उन पर ध्यान दिए बिना ही, उनकी चिन्ता किये बिना ही – • सूरज सभी को रोशनी, प्रकाश और उर्जा देता है, • वसुंधरा माँ भी अपनी सभी…

पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज PCOD से बचें

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पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज PCOD से बचें

पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज आज पूरे विश्व की महिलाओं के लिए एक गंभीर समस्या बन गयी है. इस बात को महिलाओं के साथ ही पुरुषों को भी समझना जरुरी है क्योकि विश्व की आधी आबादी स्त्रियों की है तथा उनमे आप सभी की माता, बेटी, बहन, पत्नी, मित्र, आदि हैं तथा महिलाओं को होने वाली किसी…

दान या सेवा का समवशरण सेवा मंदिर

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दान या सेवा का समवशरण सेवा मंदिर

आप जानते ही हैं कि दान या सेवा के चार प्रकार होते हैं. 1. औषधि दान या औषधि सेवा 2. आहार दान या आहार सेवा 3. अभय दान या अभय सेवा 4. ज्ञान दान या ज्ञान सेवा यह चतुर्मुखी सेवा-भाव ही समस्त धर्मों का सार है यह सेवा-भाव ही माँ वसुंधरा की सच्ची सेवा है…

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