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Muktiya produces The Light of Happiness everywhere. It deals with inherent properties of every human being and explains “Who We Are” and how can we achieve our own infinite power, pleasure and peace.


Mukti literaray means freedom from all worries. Muktiya produces peace,pleasure ,prosperity to every human being in all corners of life.

  • muktiya

    Muktiya liberates people from all worldly pains, suffering problems, hunger, aloneness, insecurity, depression, loss of confidence, chronic disease,heart disease, heart break, bruising, assault ...

अपने ह्रदय को खुद से धड़कने दें

  रोगी – डॉ. सा., क्या हम ह्रदय गति रूकने के कारण होने वाली मृत्यु को टाल सकते हैं? डॉ. – भगवान या प्रकृति ने हमारे ह्रदय को सिर्फ शुद्ध खून को पम्प करने के लिए डिजाईन किया है. लेकिन आज हम कई तरह की दवाइयां सालों तक खाकर उससे हुए अशुद्ध रक्त को पम्प ...

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : चौथा अंग : आत्म धर्म *

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : चौथा अंग : आत्म धर्म * हम जिस ईश्वर या परमेश्वर या भगवान या खुदा की कुछ पल से लेकर कुछ घंटे तक पूजा वंदना या इबादत करते हैं, उसे ही हम अपना धर्म मान लेते हैं. लेकिन यह तो हमारे आस्था के केंद्र परमपिता परमेश्वर के प्रति ...

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16
May

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : तीसरा अंग : विश्व धर्म *

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : तीसरा अंग : विश्व धर्म * हम जिस ईश्वर या परमेश्वर या भगवान या खुदा की कुछ पल से लेकर कुछ घंटे तक पूजा वंदना या इबादत करते हैं, उसे ही हम अपना धर्म मान लेते हैं. लेकिन यह तो हमारे आस्था के केंद्र परमपिता परमेश्वर के प्रति ...

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16
May

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : दूसरा अंग : राष्ट्र धर्म *

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : दूसरा अंग : राष्ट्र धर्म * हम जिस ईश्वर या परमेश्वर या भगवान या खुदा की कुछ पल से लेकर कुछ घंटे तक पूजा वंदना या इबादत करते हैं, उसे ही हम अपना धर्म मान लेते हैं. लेकिन यह तो हमारे आस्था के केंद्र परमपिता परमेश्वर के ...

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16
May

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : पहला धर्म : मातृत्व धर्म *

* चतुर्मुखी सनातन धर्म : पहला धर्म : मातृत्व धर्म * * चतुर्मुखी सनातन धर्म : पहला धर्म : मातृत्व धर्म * हम जिस ईश्वर या परमेश्वर या भगवान या खुदा की कुछ पल से लेकर कुछ घंटे तक पूजा वंदना या इबादत करते हैं, उसे ही हम अपना धर्म मान लेते हैं. लेकिन यह...

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16
May

मसालेदार स्वास्थ्यवर्धक स्वादिष्ट चाय

• मसालेदार स्वास्थ्यवर्धक स्वादिष्ट चाय – इस आधुनिक युग में अधिकाँश घरो में चाय आज हमारी और आपकी जिंदगी से जुड़ चुकी है. अब इसे हम सभी चाह कर भी दूर नहीं कर पाते हैं. सर्दियों का मौसम हो या गर्मियों की शाम, चाय पीना तो बनता ही है। कई लोगों ...

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20
Apr

मोतियाबिन्द (Cataract)

• मोतियाबिन्द (Cataract) – अक्सर देखा गया है कि साठ वर्ष की उम्र के बाद मोतियाबिन्द (Cataract) यानी कि आँख की पुतली पर एक तरह का पानी सा उतरने लगता है, जो धीरे-धीरे जमता जाता है। फिर इन बुजुर्ग लोगो को ऐसा प्रतीत होने लगता है कि उसकी पुतली पर एक ...

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20
Apr

वायरल फीवर

• वायरल फीवर – अभी पूरे देश में एक बहुत ही अलग तरह का वायरल फीवर फ़ैल रहा है. इस वायरल बुखार के लक्षण इस तरह के हैं – 1. इस बुखार में शरीर का ताप 101 डिग्री से 103 डिग्री या और ज्यादा भी हो जाता है 2. खांसी और जुकाम होना 3. जोड़ों...

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20
Apr

सोराइसिस

• सोराइसिस – अक्सर कई सालों तक बहुत सी दवा लेने या हवा, पानी और आहार के माध्यम से हमारे शरीर में घुस रहे प्रदूषण के कारण चमड़ी के ऊपर अत्याधिक खुजली होना, चकत्ते पड़ना, जलन, लाली, त्वचा मोटी होना या सिकुड़ जाना, त्वचा कट जाना आदि कई तरह की समस्याएँ ...

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20
Apr

कंकर से शंकर बनें

• – * कंकर से शंकर बनें – प्रत्येक परमाणु अमर तथा अनुपम शक्तिवान होता है इसी तरह आप भी अमर तथा अनुपम शक्तिवान ही हैं. आपके चैतन्यमयी आत्मदेव में अनन्त शक्ति, अनन्त ज्ञान एवं अनन्त सुख सरीखे अनन्त गुण समाये हुए हैं आत्मदेव की असीम ...

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20
Apr

निष्काम सेवा ही सच्चा धर्म है

• निष्काम सेवा ही सच्चा धर्म है – हम देखते हैं कि जात-पांत, ऊँच-नीच, छोटे-बड़े, अमीर-गरीब, स्त्री-पुरुष, सज्जन-दुष्ट, अच्छे-बुरे आदि सभी प्रकार के भेद-भावों को मिटा कर, उन पर ध्यान दिए बिना ही, उनकी चिन्ता किये बिना ही – • सूरज सभी को ...

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20
Apr
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